इमाम अली इब्न अबू तालिब
(अलैहिस सलाम)
अहलेबैत (अ.) में से पहले इमाम अहलेबैत (अ.)

रसूल-ए-ख़ुदा ﷺ के जानशीन और दामाद और सैय्यदा फ़ातिमा ज़हरा (स.) के शौहर
मुख़्तसर जानकारी

विलादत :13 रजब (बेसत से 10 साल पहले) ख़ाना-ए-काबा के अंदर
शहादत :21 रमज़ान 40 हिजरी, मस्जिद-ए-कूफ़ा में तलवार से ज़ख़्मी किए गए –नजफ़ में रोज़ा
मिसाली वालिद: अबू तालिब (अ)
बुज़ुर्ग माँ: फ़ातिमा बिन्त-ए-असद (अ)
इमाम अली (अ) का ख़ानदान

नहजुल बलाग़ा – फ़साहत व बलाग़त की इंतिहा – इमाम के ख़ुत्बे, ख़ुतूत और अक़वाल
नहजुल बलाग़ा 20 ज़बानों में – एंड्रॉइड ऐप
नहजुल बलाग़ा पर किताबें

‘इंसानी इंसाफ़ की आवाज़’ किताब | पीडीएफ
और किताबें
विकिपीडिया फ्लिप थ्रू पीडीएफ | ज़िंदगी की टाइमलाइन
मुन्तह़ल-उल-आमाल – शैख़ अब्बास क़ुम्मी | जेपीसी से ख़रीदें
हम इमाम अली (अ) के बारे में क्या जानते हैं
क़ुरआन में अली (अ) – विकिपीडिया| मिस्बाहुल हिदाया |
उनकी फ़ज़ीलतें बेनक़ाब – कश्फ़-ए-यक़ीन
तमाम जंगों में मिसाली किरदार

ख़ूबसूरत दुआएँ
:- कुमैल |
सबाह |मशलूल |
यस्तशीर |मुनाजात
सह़ीफ़ा-ए-अलविया – उनकी दुआओं की किताब

छोटे लेकिन गहरे हिकमत भरे अक़वाल | और अक़वाल
आला अक़वाल – हिकमत के मोती | मोबाइल ऐप

जानशीनि :ग़दीर – रसूल (स) की जानिब से उनके जानशीन की रस्मी तैनाती
| 40 हदीस
रसूल-ए-ख़ुदा (स) का ख़ुत्बा-ए-ग़दीर – 18 ज़िलहिज्जा 10 हिजरी
क्या रसूल (स) ने जानशीन मुक़र्रर किया? 1 सफ़हे की हक़ीक़त
तमाम इस्लामी मकातिब-ए-फ़िक्र से रिवायात – क़यादत (इमामत) / सरपरस्ती (विलायत) पर – पीडीएफ

दो मोज़िज़ाना ख़ुत्बे i) बिना नुक्तों वाले हरूफ़ के: ي ث خ ت ن ظ ف خ ج & ii) बिना हरफ़-ए-अलिफ ا के ख़ुत्बा | पीडीएफ

| रियाज़ी सलाहियत | | मुन्तख़ब फ़ैसले |
| अख़लाक़ी फ़ज़ीलतों की मिसालें |
नया डॉक्यूमेंट्री – रसूल (स) के भाई

इमाम अली (अ) की ज़िंदगी 30 तक़रीरों की प्लेलिस्ट – ABTV
हिस्सा 2







اَللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ أَمِيرِ ٱلْمُؤْمِنِينَ
अल्लाहुम्मा सल्लि अला अमीरिल मोमिनीन
ऐ अल्लाह! अमीरुल मोमिनीन पर रहमतें नाज़िल फ़रमा

عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ
अली बिन अबी तालिब
अली बिन अबी तालिब पर

أَخِي نَبِيِّكَ وَوَلِيِّهِ
अखी नबिय्यिका व वलिय्यिही
जो तेरे नबी के भाई और वली हैं

وَصَفِيِّهِ وَوَزِيرِهِ
व सफ़िय्यिही व वज़ीरिही
और उनके मुख़्तार व वज़ीर हैं

وَمُسْتَوْدَعِ عِلْمِهِ
व मुस्तौदइ इल्मिही
और उनके इल्म के अमीन हैं

وَمَوْضِعِ سِرِّهِ
व मौज़िइ सिर्रिही
और उनके राज़ के महफ़ूज़ रखवाले हैं

وَبَابِ حِكْمَتِهِ
व बाबि हिकमतिही
और उनकी हिकमत का दरवाज़ा हैं

وَٱلنَّاطِقِ بِحُجَّتِهِ
वन्नातिकि बिहुज्जतिही
और उनकी हुज्जत के बयान करने वाले हैं

وَٱلدَّاعي إِلَىٰ شَرِيعَتِهِ
वद्दाई इला शरीअतिही
और उनकी शरीअत की तरफ़ बुलाने वाले हैं

وَخَلِيفَتِهِ فِي امَّتِهِ
व ख़लीफ़तिही फी उम्मतिही
और उनकी उम्मत में उनके ख़लीफ़ा हैं

وَمُفَرِّجِ ٱلْكُرَبِ عَنْ وَجْهِهِ
व मुफर्रिजिल कुरबि अन वज्हिही
और उनके चेहरे से ग़म दूर करने वाले हैं

قَاصِمِ ٱلْكَفَرَةِ
क़ासिमिल कफ़रा
काफ़िरों की कमर तोड़ने वाले हैं

وَمُرْغِمِ ٱلْفَجَرَةِ
व मुर्ग़िमिल फ़जरा
और बदकारों को ज़लील करने वाले हैं

ٱلَّذِي جَعَلْتَهُ مِنْ نَبِيِّكَ
अल्लज़ी जअल्तहु मिन नबिय्यिका
जिन्हें तूने अपने नबी के मुक़ाबिल

بِمَنْزِلَةِ هَاروُنَ مِنْ مُوسَىٰ
बि-मंज़िलति हारून मिन मूसा
हारून को मूसा के साथ जो दर्जा दिया था वही दर्जा अता किया

اَللَّهُمَّ وَالِ مَنْ وَالاَهُ
अल्लाहुम्मा वालि मन वालाहु
ऐ अल्लाह! जो उनका दोस्त है तू भी उसका दोस्त बन

وَعَادِ مَنْ عَادَاهُ
व आदि मन आदाहु
और जो उनका दुश्मन है तू उसका दुश्मन हो जा

وَٱنْصُرْ مَنْ نَصَرَهُ
व अन्सुर मन नस़रहु
और जो उनकी मदद करे तू उसकी मदद फ़रमा

وَٱخْذُلْ مَنْ خَذَلَهُ
व अख़ज़ुल मन ख़ज़लहु
और जो उन्हें छोड़ दे तू उसे रुस्वा कर

وَٱلْعَنْ مَنْ نَصَبَ لَهُ
व अलअन मन नसबा लहु
और जो उनसे दुश्मनी रखे उस पर लानत कर

مِنَ ٱلأَوَّلِينَ وَٱلآخِرِينَ
मिनल अव्वलीन वल आख़िरीन
अगलों में से भी और पिछलों में से भी

وَصَلِّ عَلَيْهِ أَفْضَلَ مَا صَلَّيْتَ
व सल्लि अलैहि अफ़ज़ल मा सल्लैता
और उन पर बेहतरीन सलवात नाज़िल फ़रमा

عَلَىٰ أَحَدٍ مِنْ أَوْصِيَاءِ أَنْبِيَائِكَ
अला अहदिन मिन औसियाइ अंबियाइका
जो तूने अपने नबियों के औसिया पर नाज़िल की हों

يَا رَبَّ ٱلْعَالَمِينَ
या रब्बल आलमीन
ऐ सारे जहानों के परवरदिगार!





इमाम अली(अ.) की नमाज़
अल-हस्सनैन से किताबें इस्लामिक ब्लेसिंग्स की किताबें
क़ुरआन में इमाम अली(अ.)

इमाम अली(अ.) की इमामत के 2000 दलीलें

इमाम अली(अ.) की शहादत की दास्तान

Responsive image