इमाम हुसैन इब्न अली
(अलैहिस्सलाम)
अहलेबैत (अलैहिमुस्सलाम) से तीसरे इमाम अहलेबैत (अ.)

इमाम अली इब्न अबी तालिब के फरज़ंद और सैय्यदा फ़ातिमा (स.) के बेटे तथा इमाम हसन (अ.) के भाई
मुख़्तसर जानकारी

विलादत की तारीख़ : 3 शाबान 4 हिजरी | शहादत की तारीख़ : 10 मुहर्रम 61 हिजरी मज़ार : कर्बला, इराक़
अलक़ाब: सैय्यद-उश-शुहदा
वालिद इमाम अली (अ.) | वालिदा सैय्यदा ज़हरा (स.)
भाई इमाम हसन (अ.)
फ़र्ज़न्द इमाम ज़ैनुल आबिदीन (अ.) और अली अकबर (स.) | बहन सैय्यदा ज़ैनब (स.)
हदीस-ए-किसा (चादर की रिवायत)
इमाम अली (अ.) का ख़ानदान

ज़िन्दगी पर किताब | अल्लामा ज़ीशान हैदर द्वारा लिखी गई जीवन-रेखा
मुन्तहबुल आमाल – शैख़ अब्बास क़ुम्मी | जेपीसी से ख़रीदें
विकिपीडिया
इमाम हुसैन (अ.) की ज़िन्दगी

नफ़सुल महमूम – कर्बला की दर्दनाक दास्तान (शैख़ अब्बास क़ुम्मी)

इस्लामिक मोबिलिटी की किताबें

Al-Islam.org की किताबें

रौज़ा-ए-इमाम हुसैन (अ.) की आधिकारिक वेबसाइट

सह़ीफ़ा-ए-इमाम हुसैन (अ.) – दुआओं की किताब (PDF)

आपकी अज़ीम दुआ – दुआ-ए-अरफ़ा

हिकमत की किताब से चुनिंदा क़ौल मुहर्रम की किताबें – क़ुफ़ातिमा

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हिस्सा 2








इमाम हसन (अ.) और इमाम हुसैन (अ.) पर दरूद व सलाम

اَللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ ٱلْحَسَنِ وَٱلْحُسَيْنِ
अल्लाहुम्मा सल्लि अला अल-हसन वल-हुसैन
ऐ अल्लाह! इमाम हसन और इमाम हुसैन पर रहमत और बरकत नाज़िल फ़रमा,

عَبْدَيْكَ وَوَلِيَّيْكَ
अबदैका व वलिय्यैका
जो तेरे बन्दे और तेरे दोस्त हैं,

وَٱبْنَيْ رَسُولِكَ وَسِبْطَيِ ٱلرَّحْمَةِ
वब्नै रसूलिका व सिब्तै रहमत
तेरे रसूल के दोनों बेटे और रहमत के दोनों नवासे हैं,

وَسَيِّدَيْ شَبَابِ أَهْلِ ٱلْجَنَّةِ
व सय्यिदै शबाबि अहलिल जन्नत
और जन्नत के नौजवानों के सरदार हैं,

أَفْضَلَ مَا صَلَّيْتَ عَلَىٰ أَحَدٍ مِنْ أَوْلاَدِ ٱلنَّبِيِّينَ وَٱلْمُرْسَلِينَ
अफ़ज़ल मा सल्लैता अला अहदिन मिन औलादिन्नबिय्यीन वल-मुर्सलीन
वैसी बेहतरीन सलवात जो तूने तमाम नबियों और रसूलों की औलाद में से किसी पर नाज़िल की हो।

اَللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ ٱلْحَسَنِ ٱبْنِ سَيِّدِ ٱلنَّبِيِّينَ
अल्लाहुम्मा सल्लि अला अल-हसन इब्नि सय्यिदिन्नबिय्यीन
ऐ अल्लाह! नबियों के सरदार के बेटे इमाम हसन पर दरूद भेज,

وَوَصِيِّ أَمِيرِ ٱلْمُؤْمِنِينَ
व वसिय्यि अमीरिल मोमिनीन
और अमीरुल मोमिनीन के जानशीन पर।

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا بْنَ رَسُولِ ٱللَّهِ
अस्सलामु अलैका या ब्न रसूलिल्लाह
सलाम हो आप पर, ऐ रसूलुल्लाह के फ़र्ज़न्द।

عِشْتَ رَشِيداً مَظْلُوماً
इश्ता रशीदन मज़लूमा
आप ने हिदायत के साथ ज़िंदगी गुज़ारी और मज़लूम रहे,

وَمَضَيْتَ شَهِيداً
व म़द़ैता शहीदा
और शहादत की हालत में दुनिया से रुख़्सत हुए।

اَللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ ٱلْحُسَيْنِ بْنِ عَلِيٍّ
अल्लाहुम्मा सल्लि अला अल-हुसैन इब्नि अली
ऐ अल्लाह! इमाम हुसैन बिन अली पर दरूद भेज,

ٱلْمَظْلُومِ ٱلشَّهِيدِ
अल-मज़लूमिश्शहीद
जो मज़लूम भी हैं और शहीद भी,

اَلسَّلاَمُ عَلَيْكَ يَا أَبَا عَبْدِ ٱللَّهِ
अस्सलामु अलैका या अबा अब्दिल्लाह
सलाम हो आप पर, ऐ अबा अब्दिल्लाह।

وَجَاهَدْتَ فِي سَبِيلِ ٱللَّهِ
व जाहद्ता फी सबीलिल्लाह
आप ने अल्लाह की राह में पूरी जिहाद की।

وَعَبَدْتَ ٱللَّهَ مُخْلِصاً حَتَّىٰ أَتَاكَ ٱلْيَقِينُ
व अबद्ता अल्लाह मुख़लिसन हत्ता अताक़ल यक़ीन
और आपने अल्लाह की इबादत पूरे ख़ुलूस के साथ की, यहाँ तक कि यक़ीन (मौत) आप तक आ गया।

لَعَنَ ٱللَّهُ أُمَّةً قَتَلَتْكَ
लाअनल्लाहु उम्मतन क़तलत्का
अल्लाह की लानत हो उस क़ौम पर जिसने आपको क़त्ल किया।

وَلَعَنَ ٱللَّهُ أُمَّةً خَذَلَتْكَ
व लाअनल्लाहु उम्मतन ख़ज़लत्का
और अल्लाह की लानत हो उस क़ौम पर जिसने आपको अकेला छोड़ दिया।

وَلَعَنَ ٱللَّهُ أُمَّةً أَلَّبَتْ عَلَيْكَ
व लाअनल्लाहु उम्मतन अल्लबत् अलैक
और अल्लाह की लानत हो उस क़ौम पर जिसने लोगों को आपके ख़िलाफ़ भड़काया।

وَأَبْرَأُ إِلَىٰ ٱللَّهِ تَعَالَىٰ مَمَّنْ كَذَّبَكَ
व अब्रउ इला अल्लाहि तआला मिम्मन कज़्ज़बक
और मैं अल्लाह तआला के सामने उन लोगों से बरी हूँ जिन्होंने आपको झुठलाया,

وَٱسْتَخَفَّ بِحَقِّكَ وَٱسْتَحَلَّ دَمَكَ
व इस्तख़फ़्फ़ा बिहक्क़िक व इस्तहल्ला दमक
आपके हक़ को हल्का समझा और आपके ख़ून को हलाल ठहराया।

بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي يَا أَبَا عَبْدِ ٱللَّهِ
बि अबी अंता व उम्मी या अबा अब्दिल्लाह
मेरे माँ-बाप आप पर क़ुर्बान हों, ऐ अबा अब्दिल्लाह।

لَعَنَ ٱللَّهُ قَاتِلَكَ
लाअनल्लाहु क़ातिलक
अल्लाह की लानत हो आपके क़ातिल पर।

وَلَعَنَ ٱللَّهُ خَاذِلَكَ
व लाअनल्लाहु ख़ाज़िलक
और अल्लाह की लानत हो उस पर जिसने आपको बेयार-ओ-मददगार छोड़ा।

وَلَعَنَ ٱللَّهُ مَنْ سَمِعَ وَاعِيَتَكَ فَلَمْ يُجِبْكَ وَلَمْ يَنْصُرْكَ
व लाअनल्लाहु मन समिअ वाअयतक फलम युजिबक व लम यन्सुरक
और अल्लाह की लानत हो उस पर जिसने आपकी पुकार सुनी, फिर भी न जवाब दिया और न आपकी मदद की।

وَلَعَنَ ٱللَّهُ مَنْ سَبَىٰ نِسَاءَكَ
व लाअनल्लाहु मन सबा निसाअक
और अल्लाह की लानत हो उस पर जिसने आपकी औरतों को क़ैद किया।

أَنَا إِلَىٰ ٱللَّهِ مِنْهُمْ بَرِيءٌ وَمِمَّنْ وَالاَهُمْ
अना इला अल्लाहि मिन्हुम बरीअुन व मिम्मन वालाहुम
मैं अल्लाह की बारगाह में उनसे और उनके मददगारों से बरी हूँ,

وَمَاَلأَهُمْ وَأَعَانَهُمْ عَلَيْهِ
व मलअहुम व अआनहुम अलैह
और उन सब से भी जिन्होंने उनका साथ दिया और आपके ख़िलाफ़ उनकी मदद की।

وَأَشْهَدُ أَنَّكَ وَٱلأَئِمَّةَ مِنْ وُلْدِكَ كَلِمَةُ ٱلتَّقْوَىٰ
व अश्हदु अन्नक वल-अइम्मत मिन वुल्दिक कलिमतुत्तक़्वा
और मैं गवाही देता हूँ कि आप और आपकी नस्ल से इमाम तक़वा का कलिमा हैं,

وَبَابُ ٱلْهُدَىٰ وَٱلْعُرْوَةُ ٱلْوُثْقَىٰ
व बाबुल हुदा वल उर्वतुल वुस्क़ा
हिदायत का दरवाज़ा और मज़बूत तरीन सहारा हैं,

وَٱلْحُجَّةُ عَلَىٰ أَهْلِ ٱلدُّنْيَا
वल हुज्जतु अला अहलिद्दुन्या
और दुनिया वालों पर अल्लाह की हुज्जत हैं।

وَأَشْهَدُ أَنِّي بِكُمْ مُؤْمِنٌ
व अश्हदु अन्नी बिकुम मोमिनुन
और मैं गवाही देता हूँ कि मैं आप पर ईमान रखता हूँ,

وَبِمَنْزِلَتِكُمْ مُوقِنٌ
व बिमन्ज़िलतिकुम मूक़िनुन
और आपके दर्जे पर मुझे पूरा यक़ीन है,

وَلَكُمْ تَابِعٌ بِذَاتِ نَفْسِي
व लकुम ताबिअुन बिज़ाति नफ़्सी
और मैं अपने पूरे वजूद के साथ आपका पैरवी करने वाला हूँ,

وَشَرَائِعِ دِينِي وَخَوَاتِيمِ عَمَلِي
व शराइअि दीनी व ख़वातिमी अमली
अपने दीन के अहकाम में और अपने आमाल के अंजाम तक,

وَمُنْقَلَبِي وَمَثْوَايَ فِي دُنْيَايَ وَآخِرَتِي
व मुन्क़लबी व मथवाया फी दुन्याया व आख़िरती
अपनी दुनिया की ज़िंदगी में भी और आख़िरत के ठिकाने में भी।